नरेन्द्र मोदी एक रहस्यमय व्यक्तित्व

 

मोदी जी लगभग १२ वर्षों तक गुजरात के मुख्य मंत्री रहे तब तक उनके बारे में यदा कदा ही कोई समाचार सुनने को मिलता था। इन समाचारों में भी अधिकांश उनके २००२ के दंगों में लिप्त होने अथवा दंगें को रोकने में नाकामी के किस्से ही बहुतायत से होते थे। यदाकदा उनके द्वारा गुजरात में किये विकास कार्यों की तारीफ भी सुनने देखने को मिल जाती थी। कुल मिलाकर एक अछूत नेता की छबि मिडिया द्वारा बनाई गयी थी जिस वजह से पार्टी व अन्य दलों के नेता दूरी बनाये रखने में ही अपनी भलाई समझते थे। यहाँ तक कि तत्कालीन प्रधान मंत्री वाजपेयी जी ने उन्हें लगभग मुख्यमंत्री पद से हटा ही दिया था। इसी छबि के चलते अमेरिका ने उन्हें वीसा देने से भी इनकार कर दिया था। इस पटाक्षेप में २०१४ के संसदीय चुनाव के लिये उनको प्रधानमंत्री के संभावित उम्मीदवार बनाने की खबर अप्रत्याशित व अफवाह जैसी ही लगी।

उनको प्रधानमंत्री के संभावित उम्मीदवार बनाने की खबर के तुरन्त बाद ही लगभग चुनाव से ६ माह पहले ही अमित शाह को उत्तर प्रदेश में जीत के लिये जमीन तैयार करने के लिये भेजने की खबर आयी। फिर तो सोशियल नेटवर्क पर जैसे मोदी जी छाने लगे। लालकिलेनुमा विशाल मंच से एक विशाल जन समूह को संबोधित करने से चुनाव प्रचार का मानो मापदंड बदल गया हो। हर रैली के साथ उनकी भाषण कला का जादू लोगों के सर चढ़ कर बोलने लगा। अत्प्रत्याशित जन समूह उनको सुनने के लिये उमड़ने लगा। जैसे जैसे उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई पार्टी के अन्दर व विरोधी पार्टियों के नेताओं का महत्व क्षीण होता गया। पार्टी कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ता गया एवं जीत के संभावित आंकड़ो की संख्या लगातार बढ़ती गई। अन्त में पूर्ण बहुमत से बीजेपी व सहयोगियों की जीत पर किसीको आश्चर्य नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री बनने के बाद भी स्वयं व विरोधी पार्टी के नेताओं ने उनकी काबिलियत पर कई बार प्रश्नचिन्ह लगाने के प्रयास किये। किन्तु वे निरन्तर सफलता के आयाम स्थापित कर अल्प समय में ही विश्व के अग्रिम राजनायकों की पंक्ति में अपना स्थान बनाने में सफल हुए।

इस परिपेक्ष में मेरा ध्यान उनकी ओर आकृष्ट हुआ और मैंने ध्यान पूर्वक मीडिया के माध्यम से समझने का प्रयास किया। लगभग चार वर्षों के अध्ययन का सार इस प्रकार है:-

  • मोदी जी अपनी सार्वजनिक छबि के प्रति अत्यन्त संवेदन शील हैं। उनका विशिष्ट परिवेष, सभाओं में अपार भीड़, शपथ समारोह में सभी पड़ोसी देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित करना, मन की बात की शुरुआत व विश्व के सभी सशक्त राष्ट्राध्यक्षों से दोस्तीपूर्ण व्यवहार इसी श्रृंखला में आते हैं। इन सब प्रयासों से वे अपनी सरल, सहृदय, विनयशील, संवेदनशील एवं स्वाभिमानी छबि बनाने में सफल हुऐ हैं।
  • मोदी जी एक सशक्त नेता हैं, व हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहना पसंद करते हैं। अपने साथियों पर उनकी पकड़ मजबूत है। मन्त्री परिषद का कोई भी मंन्त्री अपने विभाग की उपलब्धियों का बयान मोदी जी को श्रेय दिये बिना नहीं करता है।
  • मोदी जी मंजे हुए राजनीतिज्ञ हैं। विरोधियों की किसी भी टिप्पणी पर वे शीघ्र प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त करते हैं। सार्वजनिक सभाओं में उचित अवसर पर उनका उत्तर देकर वे उन टिप्पणियों का उपयोग अपने राजनीतिक लाभ के लिये करते हैं।
  • मोदी जी में लोगों को अपने साथ जोड़ने की अद्भुत क्षमता है। लगभग सभी सभाओं में आरम्भ में वे स्थानीय लोगों से संबन्ध जोड़ने में अपने भाषण में जोर देतें हैं। भाषण के दौरान भी लोगों को अपने साथ जोड़ने पर विशेष ध्यान देते हैं।
  • मोदी जी अपने विरोधियों को कभी माफ नहीं करते। कभी नजर अंदाज, तो कभी छद्म रूप से या प्रत्यक्ष प्रचार से उन्होनें लगभग सभी विरोधियों को कमजोर कर दिया है।
  • मोदी जी की तकनीक में अत्यधिक रुचि है। विडियो कानफ्रेन्सिंग, सोशियल मीडिया, इन्टरनेट आदि का उन्होनें अपने प्रचार व प्रशासनिक सुधार के लिये प्रभावशाली उपयोग किया है।
  • मोदी जी देश के हालात सुधारने के प्रति सच्चे मन से समर्पित हैं। स्वच्छता अभियान, जनधन योजना, उज्जवला योजना, डिजिटल इन्डिया आदि देश के विकास में महत्वपूर्ण कदम साबित होगें। इसके अतिरिक्त कई ढाँचा गत विकास योजनायें विकास की गति में तेजी लायेंगी। विशेषकर पूर्वोत्तर क्षेत्रों में विकास को महत्व देना भविष्य में देश को जोड़ने में कारीगर कदम साबित होगा।
  • मोदी जी एक कुशल प्रबन्धक भी हैं। उनके कार्यकाल में कार्य कुशलता में सुधार, योजनाओं के कार्यान्वयन में गतिशीलता तथा लागत में काफी कमी आई है। सरकार के निर्णय त्वरित व प्रभावी रहे हैं। सरकारी कार्य शैली में नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता परिलक्षित होती है।
  • मोदी जी धार्मिक पॄवत्ति के व्यक्ति है। मंदिरों में श्रद्धा पूर्वक जाते हैं। दोनों नवरात्रियो पर वे निराहार व्रत रखते हैं।
  • मोदी जी सच्चे मन से राष्ट्रभक्त हैं। दृढ़ निष्चयी हैं, तथा अपने लक्ष्य की रुकावटों का पूर्वानुमान लगा कर उन्हें दूर करने की क्षमता रखते हैं। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिये जी तोड़ प्रयास करने की क्षमता रखते हैं।
  • मोदी जी एक प्रखर वक्ता हैं। दूसरों द्वारा लिखित भाषण को भी उनमें तात्कालिक स्वरचित भाषण के समान दर्शाने की क्षमता है। उनके भाषण हमेशा सटीक, प्रभावशाली एवं श्रोताओं द्वारा ग्राह्य होते हैं।
  • इन सब से इतर मोदी जी में कुछ हद तक अहंकार परिलक्षित होता है।उनका व्यवहार कुछ हद तक तानाशाह जैसा है। पार्टी में दूसरे नेताओं के विकास में ध्यान उनकी प्रमुख ध्येय नहीं है।

 

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